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दिल्ली से चैल (हिमाचल प्रदेश) रोड ट्रिप

नया दिन, नई यात्रा और आज मैं आप लोगों को लेकर चल रहा हूं चैल (हिमाचल प्रदेश), जो एक बेहद खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन है।

दिल्ली-पानीपत एक्सप्रेसवे (NH-44)

दिल्ली-पानीपत एक्सप्रेसवे (NH-44) पर। यह एक शानदार हाईवे है जिसमें चार लेन आने और चार लेन जाने की सुविधा है।

रोड क्वालिटी काफी अच्छी है और इसे दिल्ली-पानीपत एक्सप्रेसवे के नाम से भी जाना जाता है।

मुरथल के प्रसिद्ध ढाबे

यहां आपको खाने-पीने के लिए कई प्रसिद्ध ढाबे मिल जाते हैं जैसे:

  • झिलमिल ढाबा
  • गुलशन ढाबा
  • अमरिक सुखदेव ढाबा

NH-44 पर स्पीड लिमिट

  • फोर व्हीलर: 100 किमी/घंटा
  • हेवी व्हीकल: 80 किमी/घंटा

अमरिक सुखदेव ढाबा और पहला टोल

मुरथल का सबसे प्रसिद्ध नाम अमरिक सुखदेव ढाबा है। यहां खाने की सुविधा बेहद तेज और व्यवस्थित है।

जैसे ही आप सुखदेव ढाबा पार करते हैं, लगभग 200 मीटर आगे आपको आज का पहला टोल प्लाजा मिल जाता है।

पानीपत फ्लाईओवर और शानदार हाईवे

पानीपत का लंबा फ्लाईओवर पूरे शहर को बायपास कर देता है। एक बार इस फ्लाईओवर पर चढ़ जाएं तो सीधे शहर के दूसरे छोर पर निकल जाते हैं।

यहां से रोड तीन लेन आने और तीन लेन जाने की दिखाई देती है।

पानीपत के बाद स्पीड लिमिट

  • फोर व्हीलर: 90 किमी/घंटा
  • हेवी व्हीकल: 65 किमी/घंटा

हिमालयन एक्सप्रेसवे का शानदार अनुभव

यह चार लेन वाला शानदार पहाड़ी हाईवे है:

  • दो लेन जाने के लिए
  • दो लेन आने के लिए

जैसे-जैसे ऊंचाई बढ़ती है, मौसम बदलने लगता है।

बादल, हरियाली और पहाड़ों का दृश्य बेहद शानदार दिखाई देता है।

स्पीड लिमिट

अधिकतर स्थानों पर स्पीड लिमिट 60 किमी/घंटा दिखाई देती है।

हिमाचल प्रदेश में प्रवेश

यहां राज्य प्रवेश शुल्क के रूप में लगभग ₹70 का शुल्क लिया जाता है।

आगे रास्ते में:

  • परवाणू
  • धर्मपुर
  • सोलन
  • शिमला

के साइन बोर्ड दिखाई देते हैं।

धर्मपुर और कसौली का रास्ता

धर्मपुर के पास से कसौली का रास्ता अलग निकलता है।

यदि आप कसौली जाना चाहते हैं तो यहां से लेफ्ट टर्न ले सकते हैं।

रास्ते में पेट्रोल पंप और खाने-पीने की सुविधाएं लगातार उपलब्ध हैं।

बादलों के बीच ड्राइविंग का अद्भुत अनुभव

जैसे-जैसे आप आगे बढ़ते हैं, मौसम और खूबसूरत होता जाता है।

कभी धूप निकलती है, कभी बारिश होती है और कुछ ही मिनटों में पूरा क्षेत्र बादलों से ढक जाता है।

ऐसा लगता है जैसे आप बादलों के बीच ड्राइव कर रहे हों।

पहाड़ों में सुरक्षित ड्राइविंग टिप

पहाड़ी रास्तों पर कभी भी ब्लाइंड टर्न या मोड़ पर ओवरटेक नहीं करना चाहिए।

सोलन की खूबसूरती

सोलन एक बड़ा और खूबसूरत शहर है। यहां का बस स्टैंड और बाजार काफी विकसित दिखाई देता है।

सोलन से आगे:

  • कंडाघाट: लगभग 1.2 किमी
  • चैल: लगभग 25 किमी

कंडाघाट से चैल रोड

यहां से सड़क:

  • संकरी है
  • कुछ जगहों पर टूटी हुई है
  • पहाड़ी मोड़ों से भरपूर है

लेकिन हरियाली और प्राकृतिक दृश्य इसे बेहद खूबसूरत बना देते हैं।

साधुपुल – चैल का लोकप्रिय पड़ाव

कंडाघाट से लगभग 12 किलोमीटर बाद साधुपुल आता है।

यह एक प्रसिद्ध पर्यटन स्थल है जहां लोग रुककर विभिन्न गतिविधियों का आनंद लेते हैं।

साधुपुल से आगे चैल लगभग 12 किलोमीटर रह जाता है।

चैल की ओर अंतिम चढ़ाई

रास्ते में:

  • होटल
  • होमस्टे
  • रिसॉर्ट
  • वैली व्यू प्रॉपर्टीज

लगातार दिखाई देती हैं।

हर तरफ घनी हरियाली और शांत वातावरण देखने को मिलता है।

चैल में आपका स्वागत है

“पर्यटक नगरी चैल में आपका हार्दिक स्वागत है”

यहां से:

  • चैल: 3 किमी
  • काली टिब्बा: 7 किमी
  • सिद्ध बाबा मंदिर: 5 किमी

होटल ग्रैंड सनसेट में ठहराव

होटल ग्रैंड सनसेट, चैल

यह चैल से लगभग 3.5–4 किलोमीटर पहले स्थित है।

कमरे की सुविधाएं

  • नीट एंड क्लीन कमरा
  • अटैच वॉशरूम
  • गीजर
  • बड़ा बेड
  • Sony TV
  • अलमारी
  • बैठने की व्यवस्था
  • वैली व्यू

इस कमरे का किराया लगभग ₹1600 है।

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